Current Affairs in Hindi – 17th August 2018

Current Affairs in Hindi – 17th August 2018

 

 

 

 

 

 

 

  • डेटा सुरक्षा को लेकर सरकार गम्भीर–केंद्र सरकार अगले 6 माह में डेटा सुरक्षा कानून को अमल में लाना चाहती है।रिसर्च बताते हैं कि डेटा की चोरी से हर कम्पनी को साल भर में 27 करोड़ रुपए का नुक़सान हो रहा है।सरकार ने अमेज़न से कहा है कि वह देश में ही अपने सर्वर लगाए।
  • जियो phone-2 की फ़्लैश सेल 16 अगस्त से–जियोफोन का नया हाई एंड मॉडल जियोफोने -2अब ऑनलाइन खरीद के माध्यम से उपलब्ध होने जा रहा है।यह 16 अगस्त रात 12 बजे से फ़्लैश सेल में जियो डॉट कॉम पर 2999 रुपए में ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।इसमें फेसबुक और यू ट्यूब होगा।साथ ही शीघ्र व्हाट्सएप भी उपलब्ध कराया जाएगा।
  • आतंकवादी हमले को हुए पूरे 17 साल–अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकवादी हमले को अगले महीने 11 सितम्बर को 17 साल पूरे होंगे।लेकिन अभी तक यहां धूल का आतंक जारी है।जिसकी वजह से यहां केंसर के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
  • 18 अगस्त से 18 वें एशियन गेम्स का आगाज़–ओलंपिक के बाद दूसरा सबसे बड़ा मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट है 18 वा एशियन गेम्स। इसमें दुनिया की 60%आबादी वाले 45 देश शामिल हो चुके है।इसकी मेजबानी इंडोनेशिया को सौंपी गई है। इसे इंडोनेशिया के दो देशों जकार्ता और पलेम बाग़ में 18 अगस्त से 2 सितम्बर तक आयोजित किया जाएगा।इसमें करीब 10 हजार एथलीट पहुचेंगे।और 40 खेलों के 465 इवेंट होंगे।
  • विराट कोहली रैंकिंग दूसरे स्थान पर–आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारतीय कप्तान कोहली के इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में खराब प्रदर्शन के कारण उनकी रैंकिंग प्रथम स्थान से दूसरे स्थान पर चली गई है।अब ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ पहले स्थान पर आ गए हैं।एक सप्ताह में है विराट कोहली ने नंबर वन की रैंकिंग गवां दी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई नहीं रहे–भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने आज 16अगस्त 2018की शाम को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।उनका जन्म 25 दिसम्बर 1924 को हुआ था।उन्होंने 93 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।वे एक लोकप्रिय व्यक्ति रहे।उनकी लिखी पंक्तियां सटीक बैठती हैं…अटल बिहारी वाजपयी जी नहीं रहे ,
1924 से 16 अगस्त 2018
😢

मौत से ठन गई
ठन गई!
मौत से ठन गई!

जूझने का मेरा इरादा न था,
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था,

रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,
यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई.

मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं.

मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ,
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ?

तू दबे पाँव, चोरी-छिपे से न आ,
सामने वार कर फिर मुझे आज़मा.

मौत से बेख़बर, ज़िन्दगी का सफ़र,
शाम हर सुरमई, रात बंसी का स्वर.

बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं,
दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं.

प्यार इतना परायों से मुझको मिला,
न अपनों से बाक़ी हैं कोई गिला.

हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये,
आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए.

आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है,
नाव भँवरों की बाँहों में मेहमान है.

पार पाने का क़ायम मगर हौसला,
देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई.

मौत से ठन गई.

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